गुरुवार का उद्यापन कब करना चाहिए / गुरुवार व्रत उद्यापन सामग्री

गुरुवार का उद्यापन कब करना चाहिए / गुरुवार व्रत उद्यापन सामग्री – गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का दिन माना जाता हैं. अगर आप इस दिन व्रत करते हैं. तो आपके शादी में आ रही अडचने दूर हो जाती हैं. इसके अलावा कुंडली के गुरु को मजबूत करने के लिए भी गुरुवार का व्रत रखने की सलाह दी जाती हैं. गुरुवार का व्रत करना हमारे लिए काफी लाभदायी माना जाता हैं.

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लेकिन गुरुवार के व्रत करने के बाद इसकी उद्यापन विधि करना जरूरी माना जाता हैं. लेकिन काफी लोगो को गुरुवार व्रत की उद्यापन विधि के बारे में पता नहीं होता हैं. अगर आपको भी इस बारे में पता नहीं हैं. तो आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है की गुरुवार का उद्यापन कब करना चाहिए. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

गुरुवार का उद्यापन कब करना चाहिए

भगवान विष्णु के आशीर्वाद पाने के लिए कुछ लोग 16 गुरुवार व्रत रखते हैं. इसके बाद उद्यापन किया जाता हैं. अगर आप भी गुरुवार का व्रत रखते हैं. तो 16 गुरूवार का व्रत रखने के बाद गुरुवार का उद्यापन कर सकते हैं.

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गुरुवार का उद्यापन कैसे करना चाहिए / गुरुवार व्रत उद्यापन सामग्री / गुरुवार के उद्यापन में क्याक्या चाहिए

गुरुवार का उद्यापन करने की संपूर्ण विधि हमने नीचे बताई हैं.

  • गुरुवार का उद्यापन करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ चीजों की जरूरत पड़ती हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको गुड, हल्दी, केला, पपीता, पीला वस्त्र, चने की दाल आदि सामग्री ले लेनी हैं.
  • अब जिस दिन आप गुरुवार का उद्यापन करने जा रहे हैं. उस दिन जल्दी उठ जाए. इसके बाद स्नान आदि करके साफ़ वस्त्र धारण कर ले.
  • इतना हो जाने के बाद एक आसन बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने बैठ जाए.
  • इसके बाद भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाकर धुप-दीप आदि करे.
  • इसके बाद पुष्प आदि अर्पित करे भगवान विष्णु की श्रद्धा पूर्वक पूजा करे.
  • इसके बाद भगवान विष्णु को हाथ जोड़कर प्रार्थना करे की गुरुवार का व्रत करने का जो संकल्प लिया था. वह पूर्ण हो गया हैं. आज हम उद्यापन करने जा रहे हैं. आपकी कृपा हमेशा ही हमारे पर बनी रहे.
  • इतना हो जाने के बाद ऊपर बताई गई सभी वस्तु को भगवान विष्णु के समक्ष अर्पित करे.
  • अब इन सभी वस्तु को किसी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दे.

तो इस आसान तरीके से आप गुरुवार का उद्यापन कर सकते हैं.

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गुरूवार व्रत की पूजा विधि

गुरूवार व्रत की संपूर्ण पूजा विधि हमने नीचे बताई हैं.

  • गुरुवार का व्रत करने के लिए इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर ले.
  • इसके बाद पीले रंग के वस्त्र धारण कर ले.
  • अब भगवान विष्णु की प्रतिमा के समक्ष बैठ कर व्रत आरंभ करने का संकल्प ले.
  • अब भगवान विष्णु की विधि सहित पूजा अर्चना करे.
  • इसके बाद भगवान विष्णु को पीले चंदन तथा पीले फुल अर्पित करे.
  • अगर आप चाहे तो भोग में चने की दाल और गुड अर्पित करे.
  • इसके बाद धुप दीप आदि करके बृहस्पति देव का पाठ करे.
  • इतना हो जाने के बाद आरती कर ले. और भूल चुक की माफ़ी मांग ले.
  • इसके बाद केले की झड़ में जल अर्पित करे.
  • इसके बाद पुरे दिन व्रत रखे. और फलहार करने के बाद शाम को पीली वस्तु का भोजन बनाकर ग्रहण करे.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है की गुरुवार का उद्यापन कब करना चाहिए. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह गुरुवार का उद्यापन कब करना चाहिए / गुरुवार व्रत उद्यापन सामग्री आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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