कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए / कुलदेवी की सरल पूजा विधि

कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए / कुलदेवी की सरल पूजा विधि – हिंदू सनातन धर्म में लगभग सभी समाज और जाति में कुलदेवी होती हैं. कुलदेवी का मतलब कुल की देवी होता हैं. जिनकी पूजा हर समाज और जाति के लोग करते हैं. कुलदेवी की पूजा करने से हमारे कुल और परिवार में शांति बनी रहती हैं. कुलदेवी हमारी रक्षा करने वाली होती हैं. इसलिए सबसे प्रथम कुलदेवी को पूजा जाता हैं.

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लेकिन काफी लोग होते हैं. जिनको कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए. इस बारे में पता नहीं होता हैं. अगर आप भी इस सवाल का जवाब चाहते हैं. तो आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है की कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए

कुलदेवी की पूजा आपको रोजाना नियमित रूप से करनी चाहिए. जिस तरह आप अन्य देवी-देवताओं की पूजा अर्चना रोजाना करते हैं. उस प्रकार कुलदेवी की पूजा भी रोजाना करना जरूरी होता हैं.

कुलदेवी हमारे कुल की देवी मानी जाती हैं. इसलिए कुलदेवी को रोजाना याद करना जरूरी होता हैं. रोजाना कुलदेवी की पूजा अर्चना करने से और उनको याद करने से हमारी कुलदेवी प्रसन्न होती हैं. और उनके आशीर्वाद हमेशा के लिए हमारे पर बने रहते हैं.

ऐसा माना जाता है की रोजाना कुलदेवी की पूजा करने से हमारे घर में हमेशा के लिए सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहता हैं. और घर के सदस्यों को सुख की प्राप्ति होती हैं.

इसलिए आपको कुलदेवी की पूजा रोजाना नियमित रूप से सुबह और शाम करनी चाहिए.

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कुलदेवी की सरल पूजा विधि

कुलदेवी की सरल पूजा विधि हमने नीचे बताई हैं.

  • कुलदेवी की पूजा करने के लिए सबसे पहले आपको इस बात का ध्यान रखना हैं. की आपको कुलदेवी की पूजा रोजाना नियमित रूप से करनी हैं. अगर किसी दिन कुलदेवी की पूजा किसी कारण से नहीं हो पाती हैं तो चलेगा. लेकिन बीना कारण के कुलदेवी की पूजा नहीं की जाती हैं. तो यह कुलदेवी का अपमान माना जाता है. यह हमारे लिए अशुभ माना जाता हैं.
  • कुलदेवी की पूजा आपको सुबह और शाम दोनों समय करनी हैं. अगर आप सुबह के समय कुलदेवी की पूजा करते हैं. तो सुबह छह से आठ बजे के बीच में कुलदेवी की पूजा कर ले.
  • अगर आप शाम को कुलदेवी पूजा करते हैं. तो शाम को सात बजे से पहले सूर्यास्त होने से पहले कुलदेवी की पूजा कर ले.
  • कुलदेवी पूजा हमेशा ही स्नान आदि करने के बाद साफ वस्त्र धारण करके ही करनी चाहिए.
  • कुलदेवी की पूजा करने के लिए आपको कुलदेवी की प्रतिमा के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाना हैं.
  • इसके बाद आप कपूर और अगरबत्ती आदि भी जलाए.
  • इतना हो जाने के बाद कुलदेवी को पुष्प आदि अवश्य अर्पित करे.
  • इसके बाद कुलदेवी को हो सके तो कुछ मीठी वस्तु का भोग लगाए.
  • इसके बाद सच्चे मन से कुलदेवी को याद करे. और आपकी भूल चुक की माफ़ी मांगकर अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करे.
  • तो इस सरल विधि से आपकी कुलदेवी की पूजा विधि समाप्त हो जाएगी.

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कुलदेवी पूजा मंत्र

हमने नीचे बहुत ही असरकारक और प्रभावशाली कुलदेवी पूजा मंत्र बताया हैं.

ओम ह्रीं श्रीं कुलेश्वरी प्रसीद –  प्रसीद ऐम् नम :

यह कुलदेवी का पूजा मंत्र हैं. यह मंत्र जाप आप कुलदेवी की पूजा करने के दौरान कर सकते हैं. इसके अलावा कुलदेवी की पूजा अर्चना करने के बाद भी आप इस मंत्र का 11 या 21 बार जाप कर सकते हैं. इस मंत्र जाप से कुलदेवी जल्दी प्रसन्न होती हैं. और आपके मन की मनोकामना जल्दी पूर्ण करती हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है की कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह कुलदेवी की पूजा किस दिन करनी चाहिए / कुलदेवी की सरल पूजा विधि आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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