मोती धारण करने का शुभ समय, मंत्र, लाभ / असली मोती की पहचान कैसे करे

मोती धारण करने का शुभ समय, मंत्र, लाभ / असली मोती की पहचान कैसे करे – जब हमारे जीवन में कोई समस्या उत्पन्न होती हैं. तो ज्योतिष हमे मोती धारण करने की सलाह देते हैं. ऐसा माना जाता है की जिस व्यक्ति को अधिक गुस्सा आता है. उसे मोती पहनना चाहिए. मोती को चंद्रमा का रत्न माना जाता हैं.

वैसे तो मोती आठ प्रकार के तथा अलग-अलग रंगों में पाए जाते हैं. लेकिन ज्योतिष जातक की समस्या तथा कुंडली के आधार पर मोती पहनने की सलाह देते हैं.

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दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मोती धारण करने का शुभ समय तथा मोती धारण करने का मंत्र बताने वाले हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले हैं. तो यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते है.

मोती धारण करने का शुभ समय

अगर आप मोती धारण करना चाहते है. तो शुक्ल पक्ष में रोहिणी, हस्त तथा श्रवण नक्षत्र में सोमवार के दिन धारण कर सकते हैं. मोती धारण करने का यह सबसे अच्छा और शुभ दिन माना जाता हैं.

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मोती धारण करने का मंत्र

मोती धारण करने का मंत्र हमने नीचे बताया हैं.

मोती धारण करने का मंत्र

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मोती धारण करने से लाभ

मोती धारण करने से होने वाले कुछ लाभ हमने नीचे बताए हैं.

  • मोती पहनने से जातक के विचारों पर नियंत्रण आता हैं. जातक सकारात्मक सोच वाला बनता हैं.
  • मोती धारण करने के बाद व्यक्ति की मन में मौजूद उलझने समाप्त हो जाती हैं.
  • जिस व्यक्ति को अधिक गुस्सा आता हैं. उन्हें मोती धारण करना चाहिए. मोती धारण करने से दिमाग शांत रहता हैं. तथा गुस्से पर काबू होता हैं.
  • मोती धारण करने से सर्दी जुकाम जैसी समस्या से छुटकारा मिलता हैं.
  • कुछ प्राचीन ग्रंथो के अनुसार मोती का संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता हैं. ऐसा माना जाता है की जो जातक मोती धारण करता हैं. उस पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती हैं. तथा जातक को धन लाभ होता हैं. और जातक को आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता हैं.

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मोती धारण करने की विधि

मोती धारण करने की संपूर्ण विधि हमने नीचे बताई हैं.

  • मोती को हमेशा शुक्ल पक्ष में रोहिणी, हस्त तथा श्रवण नक्षत्र में सोमवार के दिन संध्या के समय धारण करना चाहिए.
  • अगर आप मोती धारण कर रहे है. तो कम से चार रत्ती का होना जरूरी हैं. इससे कम रत्ती का मोती धारण न करे.
  • मोती आप अंगूठी बनवाकर या लोकेट में बनवाकर पहन सकते हैं.
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती हमेशा सोमवार के दिन ही खरीदना चाहिए.
  • मोती को चांदी की अंगूठी में बनवाकर पहने. चांदी के अलावा अन्य कोई धातु का इस्तेमाल न करे.
  • चांदी की अंगूठी बनवाकर आप मोती कनिष्ठिका या फिर अनामिका ऊँगली में धारण कर सकते हैं.
  • मोती को धारण करने से पहले प्राण प्रतिष्ठा करनी जरूरी होती हैं. इसके लिए आप की ज्योतिष की मदद ले सकते हैं. ज्योतिष प्राण प्रतिष्ठा करने के बाद चंद्रदेव का पूजन करेगे. तथा उनके कुछ मंत्र जाप करेगे. यह सभी प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद आप मोती धारण कर सकते हैं.

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मोती किस उंगली में धारण करना चाहिए

मोती आप कनिष्ठान ऊँगली या अनामिका ऊँगली में धारण कर सकते हैं.

असली मोती की पहचान कैसे करे

असली मोती की पहचान का तरीका हमने नीचे बताया हैं.

मोती असली है या नकली यह जानने के लिए सबसे पहले कांच की एक गिलास में पानी भर ले. अब मोती को गिलास में डाल दे. अगर पानी में डालने के बाद मोती में से किरण निकलती हैं. तो समझ लीजिए की मोती असली हैं. अगर किरण नही दिखाई देती हैं. तो समझ लीजिए की मोती नकली हैं.

इसके अलावा आप मोती को मिटटी के बर्तन में गौमूत्र के साथ रात भर के लिए रख दे. अगर सुबह तक मोती वैसा का वैसा दीखता हैं. तो समझ लीजिए की मोती असली हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मोती धारण करने का शुभ समय तथा मोती धारण करने का मंत्र बताया हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की हैं. हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह मोती धारण करने का शुभ समय, मंत्र, लाभ / असली मोती की पहचान कैसे करे आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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