राहु मंत्र जाप के लाभ, जाप विधि / राहु मंत्र क्या है

राहु मंत्र जाप के लाभ, जाप विधि / राहु मंत्र क्या है – जब किसी जातक की कुंडली में राहू का बुरा प्रभाव पड़ता हैं. तो उस जातक के जीवन में बहुत सारी समस्याएं आना शुरू हो जाती हैं. और इस कारण जातक कितनी भी मेहनत करले अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता हैं. राहू के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए राहू को शांत करना जरूरी होता है.

Rahu-mantr-jap-ke-labh-vidhi-mantr-kya-h (3)

जब राहू शांत हो जाता हैं. तब जातक के जीवन में भी शांति आ जाती हैं. और जातक को सभी प्रकार की समस्या से भी छुटकारा मिल जाता हैं. राहू के ऐसे बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए राहू मंत्र जाप बहुत ही लाभदायी माना जाता हैं. यह मंत्र और इसके लाभ जानने के लिए हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से राहु मंत्र जाप के लाभ तथा राहु मंत्र जाप विधि बताने वाले हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

राहु मंत्र जाप के लाभ             

राहू मंत्र के जाप से होने वाले कुछ लाभ हमने नीचे बताए हैं.

  • जिस जातक की कुंडली में राहू का बुरा प्रभाव होता हैं. उसके जीवन में शादी से संबंधित अडचने आती रहती हैं. ऐसे जातक की शादी जल्दी नहीं हो पाती हैं. अगर ऐसे जातक राहू मंत्र का जाप करते हैं. तो शादी में आने वाली अडचने दूर हो जाती हैं.
  • अगर कोई जातक राहू मंत्र का जाप करते हैं. तो उनको समाज में मान-सम्मान मिलता हैं.
  • ऐसा माना जाता है की नियमति रूप से निरंतर राहू मंत्र का जाप करने से आपकी थर्ड आई खुल सकती हैं. लेकिन इसके लिए काफी मेहनत करनी पडती हैं.
  • राहू मंत्र का जाप करने से आपके आसपास बुरी आत्माएं तथा नकारात्मक उर्जा नहीं आती है.
  • अगर किसी पर टोना टोटका या काला जादू किया गया हैं. तो ऐसे टोने टोटको से निवारण के लिए जातक को राहू मंत्र का जाप करना चाहिए.
  • राहू मंत्र जाप से जातक चिंता से मुक्त होता हैं. तथा उन्हें मानसिक शांति मिलती हैं.
  • राहू मंत्र जाप बहुत तेजी से धन कमाने में भी आपकी मदद करता हैं. राहू मंत्र जाप से आपको आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता हैं.
  • अगर किसी जातक को लंबे समय से कोई बीमारी हैं. तो ऐसी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए राहू मंत्र का जाप बहुत ही फायदेमंद साबित होता हैं.

प्रेम विवाह के लिए शिव पूजा – प्रेम विवाह के लिए मंत्र 

राहु मंत्र क्या है

हमने नीचे राहू मंत्र बताया हैं.

राहू मंत्र

ओम रां राहवे नम:

Rahu-mantr-jap-ke-labh-vidhi-mantr-kya-h (1)

राहु मंत्र जाप विधि

राहू मंत्र संपूर्ण जाप विधि हमने नीचे बताई है.

  • राहू मंत्र का जाप आप कभी भी सुबह या रात्रि को सोने से पहले अपनी इच्छा अनुसार कर सकते हैं. अगर आप सुबह के समय राहू मंत्र जाप करते हैं. तो स्नान आदि करने के बाद इस मंत्र का जाप करे.
  • इस मंत्र का जाप शुरू करने से पहले आपको भगवान गणेश और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करनी हैं. इसके पश्चात ही मंत्र जाप की शुरुआत करे.
  • भगवान गणेश और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के बाद आपको इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना हैं. अगर आप इससे अधिक बार जाप करते हैं. तो आपके लिए अतिउत्तम हैं. लेकिन कम से कम 108 बार तो करना ही हैं.
  • सिर्फ इतना करने पर आपकी मंत्र जाप विधि पूर्ण हो जाएगी. यह मंत्र जाप आपको नियमित रूप से करना हैं. मंत्र जाप के कुछ ही दिनों बाद आपको असर दिखने लगेगा. धीरे-धीरे आपकी सभी समस्या खत्म होने लगेगी.

भाग्योदय के लक्षण / भाग्योदय के सरल उपाय

राहु मंत्र का जप किस माला से करे

राहू मंत्र का जाप आप रुद्राक्ष की माला से कर सकते हैं.

जनेऊ मंत्र तथा नियम / जनेऊ पहनने का मंत्र / ब्राह्मण जनेऊ मंत्र 

राहु मंत्र का जाप कब करना चाहिए

राहू मंत्र का जाप सुबह के समय या फिर रात्रि को सोने से पहले कर सकते हैं.

Rahu-mantr-jap-ke-labh-vidhi-mantr-kya-h (2)

वार्षिक श्राद्ध कब करना चाहिए – वार्षिक श्राद्ध विधि मंत्रपूजन सामग्री

निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से राहु मंत्र जाप के लाभ तथा राहु मंत्र जाप विधि बताई हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह राहु मंत्र जाप के लाभ, जाप विधि / राहु मंत्र क्या है आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

बौद्ध धर्म में कौन सी जाति आती है / हिन्दू धर्म vs बौद्ध धर्म 

भोग लगाने की विधि / भोग लगाने का मंत्र 

सच्चा धर्म कौन सा है / सबसे पवित्र धर्म कौन सा है / असली धर्म कौन सा है