अशोक सुंदरी की पूजा कैसे की जाती है – अशोक सुंदरी कौन थी

अशोक सुंदरी की पूजा कैसे की जाती है – अशोक सुंदरी कौन थी – अशोक सुंदरी के बारे में आपमें से लगभग काफी कम लोगो को जानकारी होगी. अशोक सुंदरी को भगवान शिव की पुत्री तथा भगवान गणेश की बहन माना जाता हैं. ऐसा माना जाता है की माता पार्वती के अकेलेपन को दूर करने के लिए भगवान शिव ने ही कल्पवृक्ष नामक पेड़ के द्वारा इस कन्या की उत्पति की थी.

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भगवान शिव की पुत्री माने जाने वाली अशोक सुंदरी की पूजा करने के भी कुछ विशेष लाभ हैं. इनका स्थान शिवलिंग में ही होता हैं. और इनकी पूजा कैसे की जाती हैं. यह जानकारी पाने के लिए हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है की अशोक सुंदरी की पूजा कैसे की जाती है तथा अशोक सुंदरी कौन थी. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

अशोक सुंदरी की पूजा कैसे की जाती है

अशोक सुंदरी की पूजा की संपूर्ण विधि हमने नीचे बताई हैं.

  • अशोक सुंदरी की पूजा के साथ-साथ भगवान शिव तथा माता पार्वती की भी पूजा की जाती हैं.
  • अशोक सुंदरी का स्थान शिवलिंग के पास माना जाता हैं. ऐसा माना जाता है की शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय जहाँ से जल नीचे की तरफ से गुजरते हुए निकलता हैं. उस जगह पर अशोक सुंदरी का स्थान माना जाता हैं.
  • अशोक सुंदरी की पूजा करने के लिए सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव, माता पार्वती तथा शिवलिंग की स्थापना करनी हैं.
  • इसके पश्चात शुद्ध घी का दीपक जलाए. और पुष्प आदि अर्पित करे.
  • साथ-साथ शिवलिंग पर भी पुष्प आदि अर्पित करे. क्योंकि अशोक सुंदरी का स्थान शिवलिंग में होता हैं.
  • इतना हो जाने के बाद बेलपत्र, सूखे मेवे, इलायची, जल, रोली, मौली, चंदन आदि से विधिवत पूजा करे.
  • इस आसान तरीके से आप अशोक सुंदरी की पूजा कर सकते हैं.
  • पूजा पूर्ण हो जाने के बाद शिव परिवार से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करे.

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अशोक सुंदरी कौन थी                             

अशोक सुंदरी भगवान शिव की पुत्री थी. ऐसा माना जाता है की माता पार्वती के अकेलेपन को दूर करने के लिए कल्पवृक्ष नामक पेड़ के द्वारा अशोक सुंदरी की उत्पति की थी.

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शिवलिंग में अशोक सुंदरी का स्थान कहां है

जहाँ से हम शिवलिंग के ऊपर वाले हिस्से से जल अर्पित करते है. वहा से जल नीचे की तरफ आता हैं. नीचे की तरफ आने के बाद रास्ता बनाते हुए जल जहाँ से निकलता हैं. उसी जगह पर बीच वाले स्थान पर अशोक सुंदरी का स्थान होता हैं.

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अशोक सुंदरी पर बेलपत्र कैसे चढ़ाएं?

शिवलिंग में जिस जगह पर अशोक सुंदरी का स्थान होता हैं. उस जगह पर बेलपत्र चढाने से अशोक सुंदरी को बेलपत्र चढ़ाया माना जाता हैं.

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अशोक सुंदरी के उपाय

अशोक सुंदरी के कुछ उपाय हमने नीचे बताए हैं.

  • अगर आप किसी व्यक्ति को पैसा उधार पर दे रहे हैं. और आपको उस व्यक्ति पर भरोषा नहीं हैं. की आपका पैसा वापस आयेगा या नहीं आयेगा. तो ऐसे व्यक्ति को पैसा देने से पहले अशोक सुंदरी के नाम का एक लौंग खा ले. उसके पश्चात उस व्यक्ति को पैसा देने से आपका पैसा अवश्य ही वापस आयेगा.
  • जिन लोगो को काया, त्वचा संबंधी कोई भी समस्या हैं. उन लोगो को सोमवार के दिन शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जहाँ अशोक सुंदरी का निवास होता हैं. वहा जल और दूध अर्पित करना हैं. उसमें से थोडा जल और दूध अपने घर पर लेकर आना हैं. और नहाने वाले पानी में डालकर उस पानी से स्नान करना हैं. ऐसा करने से त्वचा से संबंधित कोई भी रोग मिट जाएगा.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है की अशोक सुंदरी की पूजा कैसे की जाती है तथा अशोक सुंदरी कौन थी. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह अशोक सुंदरी की पूजा कैसे की जाती है आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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